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सूचना प्रौद्योगिकी के घटकों का वर्णन। (Or) सूचना प्रौद्योगिकी के स्वरूप और प्रभाव का परिचय। (Or) कंप्यूटर टेक्नोलॉजी।

सूचना टेक्नोलॉजी के दो प्रमुख घटक- सूचना टेक्नोलॉजी के दो प्रमुख घटक है। सूचना और टेक्नोलॉजी। लेकिन भारत के संदर्भ में इसका एक तीसरा घटक का 'भाषा'भी है। चूंकि भारत में अंग्रेजी समझने की संख्या केवल 5% है। और यहां 18 मान्यता प्राप्त प्रमुख भाषाएं हैं।।अतः भाषा घटक महत्वपूर्ण घटक है घटक टक क क (1) सूचना घटक- सूचना से तात्पर्य उस कथ्य सामग्री से है। जो हमें इंटरनेट या वेब के माध्यम से प्राप्त होती है। इंटरनेट की सूचनाएं दो प्रकार की होती हैं-सामान्य सूचना और ज्ञानात्मक सूचना।सामान्य सूचनाएं सामाजिक और व्यक्तिगत सूचनाएं होती है। ज्ञानात्मक सूचनाओं का संबंध ज्ञान विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों या अनुशासन से होता है। ज्ञानात्मक सूचनाएं अधिक स्थाई प्रकृति की होती है और उनका प्रयोग प्रायाः संदर्भ ग्रंथ की तरह होता है। जैसे-ज्ञान- विज्ञान संबंधी जानकारी,शब्दकोश,विश्वकोश,थिसारस साहित्य संस्कृति,इतिहास, भूगोल आदि। स्थापित की दृष्टि दो प्रकार की होती है- स्थिर (स्टेटिक) और परिवर्तनशील(डाइनेमिक),स्थिर सूचनाएं काफी समय तक इंटरनेट में उसी रूप में बनी रहती है क्योंकि उनमें बार-बार परिवर्तन करने की आवश्यकता नहीं पड़ती। जैसे-साहित्य,ज्ञान-विज्ञान, साहित्य विश्वकोश, सब्दकोश आदि से संबंधित जानकरी। परिवर्तनशील सूचनाए वे हैं जिन्हे हर कुछ मिनटों घंटों,दिनों या महीनों में अघतन करने की आश्यकता नहीं पड़ती। जैसे-समाचार,विमान एवम् रेल आगमन-प्रस्थान,खेल कमेंट्री,क्रय-विक्रय,विज्ञान आदि। इंटरनेट में प्रयोक्ताओं को ध्यान में रखा जाता है। उदाहरण के लिए,बिल क्लिंटन-मोनिया कांड या तहलका कांड विवाद सामाजिक महत्व के मुद्दे थे जिन पर इंटरनेट के प्रयोक्ताओ की रुचि अपनी चरम सीमा पर थी। इंटरनेट में सामग्री के प्रस्तुतीकरण की अपनी एक पद्धति है। इंटरनेट की सूचना कई स्तरों पर और कई विकल्पों के जरिए प्रस्तुत की जाती है। पर्दे पर विषय का एक संक्षिप्त परिचय आता है। अक्सर ऐसी पोस्ट के नीचे (More)एक बटन होता है, जिसे दबाने पर उस विषय से संबंधित अपेक्षाकृत अधिक विस्तृत जानकारी पर्दे पर आ जाती है। इकाई वार बटन अन्य विषयों का संकेत देते हैं। कई बार यह विषय हाइपरटेक्स्ट के फॉर्मेट में एक नेटवर्क की तरह अन्य सूचनाओं के चिन्हित शब्दों पर क्लिक करने से ही उन उन से संबंधी सूचना का पृष्ठ सदा खुल जाता है। वेब की भाषा-शैली में वाक्य अत्यंत छोटे रखे जाते हैं। तकनीकी शब्दों का प्रयोग वही किया जाता है जहां आवश्यक है। (2) टेक्नोलोजी घटक- यह इंटरनेट सूचना को एक छोर से दूसरे छोर तक पहुंचाने का माध्यम है। इनमें internat,modem,scanner,video camera,sound board,telephone ,printer,server,satellite आदि शामिल है जिसके फल स्वरुपकई नई सुविधाएं उपलब्ध हो सकती हैं। उदाहरण के लिए इंटरनेट को सीधे टीवी पर्दे पर देखना संभव हो सकेगा। मोबाइल के भीतर ही इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी और वायरलेस टेक्नोलॉजी से केबल के बिना भी इंटरनेट संभव हो सकेगा। (3)भाषा घटक भाषा सूचना प्रौद्योगिकी का मुख्य पृष्ठ है जिनकी सहायता से प्रयोक्ता पर्दे पर अंकित सूचना को ग्रहण करता है। आज इंटरनेट की 83% सामग्री अंग्रेजी में उपलब्ध है। सूचना प्रौद्योगिकी को प्रायः सामाजिक और जनकल्याण के उद्देश्यों के साथ जोड़ा जाता है इसलिए भारत के संदर्भ में यह आवश्यक है कि इंटरनेट की कथ्य सामाग्री लोगों तक भारतीय भाषाओं के माध्यम से पहुंचे। इस संबंध में दो समाधान ओं का प्रायः उल्लेखित किया जाता है-भाषा का स्थानीयकरण और टेक्नॉलाजी का विस्तारीकरण। स्थानीयकरण का तात्पर्य है, कम्प्यूटर परिवेश और इंटरनेट की कथ्य सामग्री को प्रयोक्ताओ का स्थानीय भाषाओ में प्रस्तुत करना। इंटरनेट में प्रदर्शित सभी सूचना समग्री भी हिंदी भाषा में उपलब्ध होगी।इस सामग्री को भारतीय भाषा मी लाने के लिए अनुवाद किया गया है।

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